bob अब बैंक से पैसे निकालने व जमा करने पर लगेगा चार्ज, देखें नए नियम।।

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बैंक ऑफ बड़ौदा bob ने इसकी शुरुआत भी कर दी है तथा 1 नवंबर से यह चार्ज bank charges लगेंगे

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अभी तक बैंकों में पैसा जमा करने व निकालने में कोई शुल्क नहीं लगते लगता था लेकिन अभी है फ्री बैंकिंग सेवा खत्म होने वाली है और इसकी शुरुआत की है बैंक ऑफ बड़ौदा ने। अन्य बैंक जैसे बैंक ऑफ इंडिया bob , पीएनबी, एक्सिस और सेंट्रल बैंक भी जल्द फैसला ले सकते हैं।

किस तरह के खातों पर लगेगा चार्ज? bob

यह चार्ज लगभग सभी तरह के खातों पर अलग-अलग तरीके से लगेगा। बैंक ऑफ बड़ौदा ने चालू खाते (Current account), कैश क्रेडिट लिमिट और ओवरड्राफ्ट खाते में पैसे जमा और निकालने के चार्ज तय किए हैं. अगले महीने से ग्राहक खाते से महीने में तीन बार के बाद जितनी बार भी पैसा निकालेंगे, उन्हें 150 रुपए का चार्ज चुकाना होगा.

बचत खाता (saving account) पर चार्ज

सेविंग्स बैंक अकाउंट (Savings bank account) खाताधारकों के लिए 3 बार तक डिपॉजिट करना निशुल्क होगा. चौथी बार से हर बार डिपॉजिट पर 40 रुपए देने होंगे. निकासी के लिए हर अकाउंट पर महीने की 3 ट्रांजैक्शन फ्री होंगी. चौथी ट्रांजैक्शन पर ग्राहकों को हर बार 100 रुपए का चार्ज वसूला जाएगा. हालांकि, जनधन खाताधारकों को पैसा जमा करने पर कोई शुल्क नहीं देना होगा, लेकिन निकालने पर 100 रुपए का चार्ज अदा करना होगा.

सीसी, चालू (current )व ओवरड्राफ्ट खातों के लिए इतना होगा शुल्क

सीसी, चालू व ओवरड्राफ्ट खाताधारक अगर प्रतिदिन एक लाख रुपये तक जमा करते हैं, तो यह सुविधा निशुल्क होगी। लेकिन इससे ज्यादा पैसे जमा करने पर बैंक आपसे पैसे वसूलेंगे।
ऐसे खाताधारकों के एक लाख से ज्यादा जमा करने पर एक हजार रुपये पर एक रुपये चार्ज देना होगा। इसके लिए न्यूनतम व अधिकतम सीमा क्रमश: 50 रुपये और 20 हजार रुपये है।
अगर सीसी, चालू व ओवरड्राफ्ट खातों से एक महीने में तीन बार पैसे निकाले जाते हैं, तो ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं वसूला जाएगा। 
चौथी बार निकासी पर प्रत्येक विड्रॉल पर 150 रुपये का शुल्क लगेगा।

बैंकों ने पहले भी लगाए है चुपके से ऐसे-ऐसे शुल्क

बैंकों ने घाटे की भरपाई के लिए ग्राहकों पर ऐसे-एसे शुल्क लगा दिए हैं जिन्हें पहली कभी नहीं लिया गया। फोलियो चार्ज के नाम पर बैंकों को मोटी कमाई होती है। 25-30 साल पहले ग्राहकों के लेनदेन का ब्योरा बैंक रजिस्टर में दर्ज करते थे, जिसे फोलियो कहा जाता था। उस दौर में, जब हाथ से फोलियो पर एक-एक राशि चढ़ाई जाती थी, तब बैंक इसका कोई शुल्क ग्राहकों से नहीं लेते थे। आज डिजिटल दौर में सॉफ्टवेयर ऑटोमेटिक फोलियो बनाता है, तब बैंक ग्राहकों से फोलियो चार्ज वसूल रहे हैं। वहीं, चाहे रिजेक्ट भी हो जाए तो भी बैंक को प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर कुछ राशि काट लेते हैं

कोरोना के काल में बैंकों की यह शुल्क आम आदमी के लिए सिरदर्द साबित होंगे।

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